खाने का विचारों से कोई संबंध नहीं

यह बिलकुल जरूरी नहीं की अगर आप भोजन शाकाहारी करोगे तो आपके विचार भी शाकाहारी हो जायेंगे I यह सिर्फ आप पर निर्भर करता है कि आप कैसा सोचना चाहते हो? यूरोप, अमेरिका, चीन, जापान आदि के लोग तो शाकाहारी नहीं है फिर भी दुनिया की अधिकांश खोजे उन्ही ने की है I

भारत ने आज तक कोई खोज नहीं की

दूसरी तरफ भारतीय उपमहाद्वीप के लोग अच्छा खाना खाने के बावजूद ना तो कोई वैज्ञानिक सोच बना पाये और ना ही कोई खोज कर पाये I बड़ी हैरानी की बात यह है कि हमने आजतक सुई भी अपनी तकनीक से नहीं बनाई I

हम गलत तर्क देते है

फिर हम एक और तर्क देते है कि मांस खाना इंसान का स्वभाव नहीं है, तो मैं आपसे पूछना चाहता हूँ कि चलो मांस खाना तो आपका स्वभाव नहीं है, तो क्या भ्रस्टाचार, अत्याचार, शोषण और बलात्कार करना आपका स्वभाव है? इनमे तो आप सबसे अग्रणी हो I